BPSSC SI परीक्षा की तैयारी शुरू करने से पहले सिलेबस और परीक्षा पैटर्न को पूरी तरह समझना जरूरी है। बिहार पुलिस अधीनस्थ सेवा आयोग सब इंस्पेक्टर भर्ती दो लिखित चरणों में करता है — प्रीलिम्स (स्क्रीनिंग) और मेन्स (मेरिट-आधारित)। यह गाइड BPSSC SI सिलेबस 2025 का विषय-वार विवरण प्रस्तुत करती है।
BPSSC SI चयन प्रक्रिया – पूरा विवरण
| चरण | प्रकार | प्रकृति |
|---|---|---|
| चरण 1 | प्रारंभिक परीक्षा (लिखित) | स्क्रीनिंग — अंक अंतिम मेरिट में नहीं जुड़ते |
| चरण 2 | मुख्य परीक्षा (लिखित) | मेरिट-आधारित — इसी के अंक से रैंकिंग |
| चरण 3 | शारीरिक दक्षता परीक्षा (PET) | क्वालीफाइंग — पास/फेल |
| चरण 4 | दस्तावेज़ सत्यापन | मूल दस्तावेज़ जांच |
| चरण 5 | चिकित्सा परीक्षा | शारीरिक फिटनेस और आंखों की जांच |
BPSSC SI प्रीलिम्स परीक्षा पैटर्न 2025
| विवरण | जानकारी |
|---|---|
| विषय | सामान्य ज्ञान (GK) |
| कुल प्रश्न | 100 |
| कुल अंक | 200 (प्रति प्रश्न 2 अंक) |
| समय | 2 घंटे |
| प्रश्न प्रकार | बहुविकल्पीय (MCQ) |
| नेगेटिव मार्किंग | हां — प्रत्येक गलत उत्तर पर 0.2 अंक कटौती |
| शॉर्टलिस्टिंग | कुल रिक्तियों का 10 गुना |
BPSSC SI प्रीलिम्स सिलेबस – विषय-वार
1. सामान्य ज्ञान और करंट अफेयर्स (35-40 प्रश्न)
- राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय समसामयिक घटनाएं (पिछले 6 माह)
- पुरस्कार — पद्म पुरस्कार, नोबेल, खेल पुरस्कार
- पुस्तकें और लेखक
- राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय संगठन (UN, WHO, IMF)
- खेल — हालिया टूर्नामेंट, विजेता
- बिहार-विशिष्ट करंट अफेयर्स — सरकारी योजनाएं, नई नीतियां
2. भारतीय इतिहास (10-15 प्रश्न)
- प्राचीन भारत — सिंधु घाटी, वैदिक काल, मौर्य, गुप्त वंश
- मध्यकालीन भारत — दिल्ली सल्तनत, मुगल साम्राज्य
- आधुनिक भारत — ब्रिटिश शासन, स्वतंत्रता संग्राम
- बिहार इतिहास — चंपारण आंदोलन, भारत छोड़ो, पटना की भूमिका
3. भूगोल (8-12 प्रश्न)
- भौतिक भूगोल — पर्वत, नदियां, पठार, जलवायु
- भारतीय नदी तंत्र
- बिहार भूगोल — नदियां (गंगा, सोन, कोसी, गंडक), जिले
4. भारतीय राजव्यवस्था (8-10 प्रश्न)
- मौलिक अधिकार, कर्तव्य, नीति निर्देशक तत्व
- संसद, राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, न्यायपालिका
- पंचायती राज, स्थानीय शासन
- बिहार राज्य प्रशासन
5. सामान्य विज्ञान (10-12 प्रश्न)
- भौतिकी — यांत्रिकी, ऊष्मा, प्रकाश, ध्वनि, विद्युत
- रसायन — तत्व, यौगिक, अम्ल-क्षार
- जीव विज्ञान — मानव शरीर, रोग, पोषण
- पर्यावरण और पारिस्थितिकी
6. गणित (10-12 प्रश्न)
- संख्या पद्धति, HCF, LCM, सरलीकरण
- प्रतिशत, लाभ-हानि, साधारण और चक्रवृद्धि ब्याज
- अनुपात, समानुपात, औसत
- समय और कार्य, समय और दूरी
- क्षेत्रमिति — क्षेत्रफल, आयतन
7. रीज़निंग और मानसिक योग्यता (10-15 प्रश्न)
- सादृश्य, वर्गीकरण, श्रृंखला
- कोडिंग-डिकोडिंग, रक्त संबंध
- दिशा ज्ञान, वेन आरेख
- गैर-शाब्दिक रीज़निंग
BPSSC SI मेन्स परीक्षा पैटर्न 2025
| पेपर | विषय | प्रश्न | अंक | समय |
|---|---|---|---|---|
| पेपर 1 | सामान्य हिंदी | 100 | 100 | 2 घंटे |
| पेपर 2 | सामान्य अध्ययन + गणित + रीज़निंग | 100 | 200 | 2 घंटे |
| कुल | 200 | 300 |
BPSSC SI शारीरिक दक्षता परीक्षा (PET)
| परीक्षा | पुरुष | महिला |
|---|---|---|
| दौड़ | 1.6 km — 6 मिनट 30 सेकंड | 1 km — 6 मिनट |
| लंबी कूद | 12 फीट | 9 फीट |
| ऊंची कूद | 4 फीट | 3 फीट |
| गोला फेंक (16 पाउंड) | 16 फीट | 10 फीट (12 पाउंड) |
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
BPSSC SI प्रीलिम्स का परीक्षा पैटर्न क्या है?
BPSSC SI प्रीलिम्स में सामान्य ज्ञान पर 100 MCQ प्रश्न होते हैं, कुल 200 अंक (प्रति प्रश्न 2 अंक)। समय 2 घंटे। प्रत्येक गलत उत्तर पर 0.2 अंक की कटौती। यह केवल स्क्रीनिंग परीक्षा है — अंक अंतिम मेरिट में नहीं जुड़ते।
BPSSC SI मेन्स का सिलेबस क्या है?
BPSSC SI मेन्स में 2 पेपर हैं: पेपर 1 सामान्य हिंदी (100 अंक) — व्याकरण, गद्यांश और निबंध। पेपर 2 सामान्य अध्ययन + गणित + रीज़निंग (200 अंक)। कुल 300 अंक। अंतिम मेरिट केवल मेन्स अंकों से बनती है।
BPSSC SI में नेगेटिव मार्किंग है क्या?
हां। प्रीलिम्स में प्रत्येक गलत उत्तर पर 0.2 अंक कटते हैं (प्रत्येक प्रश्न 2 अंक का)। मेन्स पेपर 2 में भी 0.2 अंक की कटौती होती है। अंधाधुंध अनुमान न लगाएं।
प्रीलिम्स से कितने कैंडिडेट शॉर्टलिस्ट होते हैं?
कुल रिक्तियों का 10 गुना कैंडिडेट प्रीलिम्स से मेन्स के लिए शॉर्टलिस्ट होते हैं। उदाहरण: 1,000 रिक्तियां हों तो लगभग 10,000 कैंडिडेट मेन्स में जाएंगे।
BPSSC SI के लिए सबसे महत्वपूर्ण विषय कौन से हैं?
करंट अफेयर्स और सामान्य ज्ञान का वेटेज सबसे अधिक है (प्रीलिम्स का 35-40%)। मेन्स में हिंदी (पेपर 1) और सामान्य अध्ययन महत्वपूर्ण हैं। बिहार-विशिष्ट टॉपिक दोनों चरणों में आते हैं — बिहार GK कभी न छोड़ें।