UPSSSC Agriculture Technical Assistant (AGTA) Previous Year Papers का विश्लेषण 2,759 पदों वाली AGTA Recruitment 2026 (Advt. 06-Exam/2026) के लिए सबसे जरूरी है। Mains परीक्षा में 100 MCQ / 2 घंटे / 0.25 नकारात्मक अंकन है — Agriculture Science: 65 अंक, General Hindi: 20 अंक, Computer: 15 अंक। यह सामान्य Group C परीक्षा नहीं है — कृषि विज्ञान ही rank तय करता है। इस लेख में topic-wise विश्लेषण, 9 agronomy प्रश्न, UP के कृषि तथ्य, सरकारी योजनाएँ और 6 सप्ताह का study plan दिया गया है।
Exam Snapshot: 2,759 पद | Advt. 06-Exam/2026 | Pay Level 4: ₹25,500 basic / ₹35K–42K in-hand | 100 MCQ / 0.25 नकारात्मक अंकन | PET 2025 अनिवार्य | Expected cut-off: 65–75 (UR)
अंक वितरण
| विषय | प्रश्न | अंक | Strategy Note |
|---|
| Agriculture Science (कृषि विज्ञान) | 65 | 65 | B.Sc Agri level — यही परीक्षा जीतने या हारने का क्षेत्र है |
| General Hindi (सामान्य हिंदी) | 20 | 20 | Grammar-based — 1 सप्ताह में 15+/20 achievable |
| Computer & IT | 15 | 15 | Basic — MS Office, Internet, e-Governance |
| कुल | 100 | 100 | 0.25 नकारात्मक अंकन; कोई interview नहीं |
कृषि विज्ञान — Topic-Wise PYP विश्लेषण (65 अंक)
1. Agronomy (शस्य विज्ञान) — 15–20 प्रश्न
| Topic | अपेक्षित प्रश्न | High-Yield Facts |
|---|
| खरीफ फसलें (जून–नवंबर) | 6–8 | धान, मक्का, गन्ना, कपास, मूँगफली, सोयाबीन, अरहर। बुवाई: जून–जुलाई; कटाई: अक्टूबर–नवंबर। धान की बीज दर (transplanting): 25–30 kg/ha |
| रबी फसलें (अक्टूबर–मार्च) | 5–7 | गेहूँ, सरसों, चना, मटर, मसूर। गेहूँ: बुवाई 15 अक्टूबर–25 नवंबर; बीज दर 100–125 kg/ha; अंकुरण के लिए इष्टतम तापमान 10–15°C |
| जायद फसलें (मार्च–जून) | 2–3 | तरबूज, खरबूजा, ककड़ी, लौकी, मूँग। गर्मी की फसल — उच्च तापमान और कम अवधि की जरूरत |
| UP के प्रमुख Cropping Systems | 4–5 | धान–गेहूँ (UP में सबसे प्रमुख; Indo-Gangetic Plains में ~11 मिलियन ha); गन्ना–गेहूँ; धान–सरसों; मक्का–गेहूँ–मूँग |
| सिंचाई विधियाँ | 2–3 | Drip: बागवानी फसलें (40–50% पानी बचत); Sprinkler: असमतल भूमि; Flood/Furrow: धान, गन्ना। गेहूँ का critical irrigation: CRI stage (बुवाई के 20–21 दिन बाद) |
| जैविक खेती | 2–3 | Vermicomposting (केंचुआ — Eisenia fetida); हरी खाद (ढैंचा/Sesbania); Biofertilizers: Rhizobium (दलहनी फसलों के लिए), Azotobacter (गैर-दलहनी), PSB (फॉस्फोरस घुलनशील) |
Previous Papers के 9 बार-बार पूछे जाने वाले Agronomy प्रश्न
- प्र: उत्तर प्रदेश की सबसे प्रमुख cropping system कौन सी है?
→ धान–गेहूँ फसल प्रणाली (Indo-Gangetic Plains में सबसे बड़े क्षेत्र पर; Terai और Eastern + Central UP में प्रमुख)
- प्र: गेहूँ की सबसे critical सिंचाई अवस्था कौन सी है?
→ Crown Root Initiation (CRI) — बुवाई के 20–21 दिन बाद। यह सबसे critical है; इसे miss करने पर सर्वाधिक उपज हानि होती है।
- प्र: धान में नाइट्रोजन स्थिरीकरण के लिए कौन सा Biofertilizer use होता है?
→ Blue-Green Algae (BGA) / Azolla — ये जलमग्न धान के खेतों में वायुमंडलीय नाइट्रोजन fix करते हैं। (Rhizobium दलहनी फसलों के लिए है — धान के लिए नहीं।)
- प्र: गेहूँ की बीज दर क्या है?
→ 100–125 kg/ha (सामान्य बुवाई); देर से बुवाई पर 125–150 kg/ha
- प्र: UP की "नकदी फसल" (Cash Crop) कौन सी है?
→ गन्ना — UP भारत में सर्वाधिक गन्ना उत्पादक राज्य है। भारत के कुल गन्ने का ~50% UP से आता है।
- प्र: Vermicomposting में कौन सा जीव प्रयुक्त होता है?
→ Eisenia fetida (Red Wiggler earthworm/केंचुआ)
- प्र: Drip irrigation सबसे उपयुक्त किन फसलों के लिए है?
→ बागवानी फसलें (आम, केला, नींबू) और row crops (गन्ना, कपास)। पानी की बचत: flood irrigation की तुलना में 40–50%
- प्र: खरीफ सीजन की बुवाई का समय UP में क्या है?
→ जून–जुलाई (मानसून की शुरुआत के साथ)। कटाई: अक्टूबर–नवंबर।
- प्र: IPM का क्या अर्थ है और इसका पहला सिद्धांत क्या है?
→ Integrated Pest Management (एकीकृत नाशीजीव प्रबंधन)। पहला सिद्धांत: रासायनिक कीटनाशक अंतिम उपाय हैं — पहले जैविक, सांस्कृतिक और भौतिक विधियाँ use करें।
2. मृदा विज्ञान (Soil Science) — 10–12 प्रश्न
| Topic | अपेक्षित प्रश्न | High-Yield Facts |
|---|
| UP के मिट्टी के प्रकार | 3–4 | जलोढ़ मिट्टी (Alluvial) — सबसे प्रमुख; पूरा गंगा का मैदान, Terai। Bhangar (पुरानी जलोढ़, kankar nodules) बनाम Khadar (नई जलोढ़, नदियों के पास, अधिक उपजाऊ)। ऊसर/खारी मिट्टी: क्षारीय — जिप्सम उपचार से सुधार। |
| NPK — कार्य और कमी के लक्षण | 3–4 | N: वानस्पतिक वृद्धि, पत्तियों का रंग। कमी: पुरानी पत्तियों से पीलापन (chlorosis) — यूरिया डालें (46% N)। P: जड़ विकास, फूल। कमी: पत्तियाँ बैंगनी/लाल — DAP डालें (46% P₂O₅)। K: रोग प्रतिरोध। कमी: पत्ती किनारों का झुलसाना — MOP डालें (60% K₂O). |
| Soil Health Card Scheme | 2–3 | 2015 में launched। किसानों को हर 2 साल में निःशुल्क मिट्टी परीक्षण। 12 parameters: N, P, K, pH, EC, OC, S, Zn, Fe, Cu, Mn, B। Card में specific फसल के लिए उर्वरक की अनुशंसा। |
| Soil pH | 2–3 | अधिकांश फसलें: pH 6–7 पसंद करती हैं। धान: 4.5–8.5 सहन। अम्लीय मिट्टी: चूना (lime) डालें। क्षारीय मिट्टी: जिप्सम (CaSO₄) डालें। |
3. फसल सुरक्षा (Plant Protection) — 10–12 प्रश्न
| Topic | अपेक्षित प्रश्न | High-Yield Facts |
|---|
| प्रमुख फसल रोग | 5–6 | धान का blast (Pyricularia oryzae — फफूँद); गेहूँ का rust (Puccinia — Yellow/Brown/Black); गन्ने का Red Rot (Colletotrichum falcatum); गन्ने का Smut (Ustilago scitaminea — काला चाबुक जैसा) |
| प्रमुख कीट | 3–4 | धान का Stem Borer (Scirpophaga — deadheart/whitehead); गेहूँ का Aphid (Sitobion); कपास का Bollworm (Helicoverpa armigera); गन्ने का Early Shoot Borer (Chilo infuscatellus — deadheart) |
| IPM घटक | 3–4 | जैविक नियंत्रण: Trichogramma (stem borer के अंडों पर); सांस्कृतिक: फसल चक्र, प्रतिरोधी किस्में; Pheromone traps: monitoring; Biopesticide: Neem oil (0.5%), Bt (Bacillus thuringiensis) |
4. सरकारी योजनाएँ — 8–10 प्रश्न (सबसे आसान marks)
| योजना | मुख्य तथ्य | अपेक्षित प्रश्न |
|---|
| PM-KISAN | ₹6,000/वर्ष (₹2,000 × 3 किस्त) — DBT द्वारा सीधे बैंक खाते में। Aadhaar linking अनिवार्य। | 2–3 |
| PM Fasal Bima Yojana | किसान premium: Kharif 2%, Rabi 1.5%, Horticultural 5%। बाकी Centre + State देती है। मौसम/कीट/रोग से उपज हानि cover। | 2–3 |
| Soil Health Card Scheme | 2015 में शुरू। 12 parameters। निःशुल्क, हर 2 साल। | 1–2 |
| e-NAM | Electronic National Agriculture Market। अप्रैल 2016 launch। किसान APMC-linked portal पर online उपज बेच सकते हैं। | 1–2 |
| PKVY (Paramparagat Krishi Vikas Yojana) | जैविक खेती को बढ़ावा। 50-एकड़ clusters। ₹50,000/ha/3yr। Organic certification + marketing। | 1 |
| PM-KUSUM | किसानों के लिए Solar pump scheme। 3 Components: solar power plants, standalone solar pumps, grid-connected pumps। | 1 |
5. UP बागवानी (Horticulture) — 5–8 प्रश्न
| फसल | UP-specific तथ्य | अपेक्षित प्रश्न |
|---|
| आम | मलिहाबाद (लखनऊ) — भारत का सबसे बड़ा आम का क्षेत्र। प्रमुख किस्में: दशहरी, लंगड़ा, चौसा, सफेदा। UP भारत के कुल आम उत्पादन का ~25% उत्पादन करता है। | 2–3 |
| अमरूद | प्रयागराज (इलाहाबाद) — अमरूद की राजधानी। प्रसिद्ध किस्म: इलाहाबाद सफेदा (अमरूद में सर्वाधिक Vitamin C)। | 1–2 |
| आलू | आगरा, फर्रुखाबाद, कन्नौज — UP भारत का सबसे बड़ा आलू उत्पादक। किस्में: कुफरी ज्योति, कुफरी चंद्रमुखी। रबी फसल। | 1–2 |
कृषि तथ्य — Quick Reference
| Parameter | मान / तथ्य |
|---|
| यूरिया में नाइट्रोजन | 46% N (सबसे अधिक) |
| DAP संरचना | 18% N + 46% P₂O₅ |
| MOP संरचना | 60% K₂O |
| गेहूँ की critical सिंचाई | CRI stage — बुवाई के 20–21 दिन बाद |
| Vermicomposting जीव | Eisenia fetida (केंचुआ) |
| Rhizobium — किन फसलों के लिए | केवल दलहनी: सोयाबीन, चना, मूँग, अरहर |
| BGA / Azolla — किसके लिए | जलमग्न धान में नाइट्रोजन fixation |
| धान Blast रोग का कारण | Pyricularia oryzae (फफूँद) |
| गेहूँ Rust का कारण | Puccinia species (फफूँद) |
| मलिहाबाद — प्रसिद्ध | भारत का सबसे बड़ा आम क्षेत्र; दशहरी, लंगड़ा, चौसा |
| प्रयागराज — प्रसिद्ध | अमरूद की राजधानी; इलाहाबाद सफेदा (सर्वाधिक Vitamin C) |
| UP — सर्वाधिक उत्पादन | गन्ना (~50% India's production) और आलू (भारत में प्रथम) |
| PM-KISAN वार्षिक राशि | ₹6,000 (₹2,000 × 3 किस्त, DBT) |
| Soil Health Card — parameters | 12 parameters (NPK, pH, EC, OC, S, Zn, Fe, Cu, Mn, B) |
| PMFBY — किसान का premium (Kharif) | बीमित राशि का 2% |
| e-NAM launch | अप्रैल 2016 |
6 सप्ताह का Study Plan
| सप्ताह | Focus Area | Daily Target |
|---|
| सप्ताह 1 | Agronomy — Kharif + Rabi + Zaid फसलें, UP Cropping Systems | हर फसल: बुवाई समय, बीज दर, सिंचाई, प्रमुख किस्में। रोज 30 Agriculture MCQ। |
| सप्ताह 2 | Soil Science + Plant Protection | NPK कार्य + कमी के लक्षण। प्रमुख रोग + pathogens। IPM। Agriculture PYQ solve करें। |
| सप्ताह 3 | Government Schemes + Horticulture + Agricultural Economics | 1-page scheme summary बनाएँ। UP फल फसलें (मलिहाबाद आम, प्रयागराज अमरूद)। MSP/APMC/KCC। |
| सप्ताह 4 | Agriculture Revision + Animal Husbandry + Farm Machinery | PYQ Agriculture solve। पशुपालन: dairy breeds (HF, Jersey, Murrah buffalo)। Farm machinery: seed drill, harvester। |
| सप्ताह 5 | General Hindi (पूरा — 1 सप्ताह पर्याप्त) + Computer & IT | Sandhi/Samas/Muhavare। MS Excel formulas। Digital agriculture portals (e-NAM, PM-KISAN)। |
| सप्ताह 6 | 3 Full Mock Tests + Quick-Reference Table revision | 3 Full 100-Q timed mocks। Target: 70+/100। बार-बार गलत Agriculture topics revise। |
Books सूची:
• Agriculture Science: Arun Katyayan — Fundamentals of Agriculture (UPSSSC AGTA के लिए सबसे popular)
• UP Agriculture: UP Agriculture Dept. publications + PCBM UP Agriculture Guide
• Government Schemes: Arihant/Pratiyogita Darpan Monthly Current Affairs
• Hindi: Lucent Hindi Grammar
• Computer: Arihant Computer Knowledge
• PYQ: UPSSSC AGTA Previous Year Papers (GKP / Youth Competition Times)
UPSSSC तकनीकी सहायक — विस्तृत तैयारी रणनीति
UPSSSC Technical Assistant परीक्षा में तकनीकी विषय और सामान्य अध्ययन दोनों होते हैं। सफलता के लिए दोनों में संतुलित तैयारी जरूरी है।
| विषय | प्रश्न | तैयारी प्राथमिकता |
| तकनीकी ज्ञान (Trade Specific) | ~60 | सर्वोच्च — डोमेन विशेषज्ञता |
| सामान्य ज्ञान / UP GK | ~30 | उच्च — UP-विशिष्ट तथ्य |
| हिंदी भाषा | ~30 | उच्च — व्याकरण और बोध |
| सामान्य विज्ञान | ~20 | मध्यम |
| तर्कशक्ति और गणित | ~20 | मध्यम |
UP GK — तकनीकी सहायक परीक्षा के लिए
| विषय | महत्वपूर्ण तथ्य |
| UP की राजधानी | लखनऊ (प्रशासनिक), प्रयागराज (न्यायिक) |
| UP के जिले | 75 जिले |
| UPSSSC | Uttar Pradesh Subordinate Service Selection Commission — लखनऊ |
| UP का GSDP | देश में तीसरा सबसे बड़ा (GDP में) |
| UP की प्रमुख नदियाँ | गंगा, यमुना, सरयू, गोमती, घाघरा |
| UP के औद्योगिक क्षेत्र | नोएडा (IT), आगरा (चमड़ा/जूते), कानपुर (चमड़ा/वस्त्र), मुरादाबाद (पीतल) |
| One District One Product | ODOP योजना — हर जिले का एक विशेष उत्पाद |
तकनीकी सहायक के कर्तव्य
UPSSSC Technical Assistant विभिन्न विभागों में काम करता है — कृषि, सिंचाई, लोक निर्माण, ऊर्जा आदि। मुख्य कर्तव्य: तकनीकी सर्वेक्षण और माप, रिपोर्ट तैयार करना, उपकरण रखरखाव, और वरिष्ठ इंजीनियरों की सहायता।
UPSSSC Tech Assistant टिप: PET (Preliminary Eligibility Test) UPSSSC की अधिकांश भर्तियों के लिए qualifying पूर्व-शर्त है। यदि आपका PET 2022/2023 का स्कोर कार्ड है, तो आप आवेदन कर सकते हैं। PET के बिना आवेदन नहीं होगा।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
प्र: UPSSSC तकनीकी सहायक के लिए शैक्षिक योग्यता क्या है?
UPSSSC Technical Assistant पद के लिए आमतौर पर संबंधित तकनीकी विषय में ITI/Diploma या B.Sc. की आवश्यकता होती है। विभाग और ट्रेड के अनुसार योग्यता अलग होती है। आधिकारिक UPSSSC अधिसूचना से सटीक योग्यता जांचें।
प्र: UPSSSC PET और Technical Assistant परीक्षा का क्या संबंध है?
UPSSSC PET (Preliminary Eligibility Test) एक स्क्रीनिंग परीक्षा है जो UPSSSC की अधिकांश Group-B और Group-C भर्तियों के लिए qualifying शर्त है। PET में प्राप्त अंक के आधार पर उम्मीदवारों को मुख्य परीक्षा के लिए बुलाया जाता है। Technical Assistant की मुख्य परीक्षा में बैठने के लिए वैध PET स्कोर कार्ड होना अनिवार्य है।
UPSSSC तकनीकी सहायक — अंतिम 30 दिन की रणनीति
परीक्षा से 30 दिन पहले की रणनीति सबसे महत्वपूर्ण होती है। नया सीखने की बजाय जो जानते हैं उसे मजबूत करें।
सप्ताह 1–2: तकनीकी विषय का revision — अपने trade (civil/electrical/mechanical/IT) के fundamental concepts दोहराएं। सूत्र और परिभाषाएं एक sheet पर लिखें।
सप्ताह 3: UP GK और सामान्य हिंदी — UPSSSC परीक्षाओं में UP-विशिष्ट प्रश्न हमेशा आते हैं। जिले, नदियाँ, ODOP उत्पाद और UP सरकार की प्रमुख योजनाएं याद करें।
सप्ताह 4: पूर्ण मॉक टेस्ट — UPSSSC के पुराने प्रश्नपत्रों से अभ्यास करें। समय प्रबंधन सबसे जरूरी — 120 प्रश्न को 2 घंटे में।
UPSSSC Tech Assistant की सबसे आम गलती: तकनीकी विषय पर 100% फोकस और UP GK + हिंदी को नजरअंदाज करना। UPSSSC के पेपर में non-technical sections (GK, Hindi, Reasoning) 40–50% वेटेज रखते हैं। इन्हें ignore करना मेरिट पर भारी पड़ता है।
UPSSSC तकनीकी सहायक — चयन के बाद पहले 90 दिन
UPSSSC Technical Assistant के रूप में ज्वाइनिंग के बाद पहले 90 दिन probation period होता है। इस दौरान: विभाग के नियम और कार्यशैली सीखें, वरिष्ठ अधिकारियों का निर्देश ध्यान से सुनें, सरकारी फाइलिंग प्रणाली को समझें, और किसी भी काम में गलती होने पर तुरंत वरिष्ठ को सूचित करें। probation में प्रदर्शन स्थायी नियुक्ति निर्धारित करता है।
UPSSSC Technical Assistant परीक्षा में सफलता के बाद एक स्थिर और सम्मानजनक सरकारी करियर आपका इंतजार करता है। तकनीकी ज्ञान और सेवा भावना दोनों मिलकर एक अच्छा तकनीकी सहायक बनाते हैं। पूरी मेहनत से तैयारी करें।